सड़क किनारे बड़ी संख्या में वीवीपैट (VVPAT) पर्चियां मिलीं। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग ने तत्काल कार्रवाई की है और संबंधित सहायक रिटर्निंग ऑफिसर एआरओ को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।
साथ ही उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है।घटना का विवरण समस्तीपुर के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र के केएसआर कॉलेज के पास सड़क किनारे कूड़े के ढेर में वीवीपैट पर्चियां बिखरी मिलीं।
यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे। विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल राजद ने इस मामले को लेकर चुनाव आयोग पर कड़ी नócndि की और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए।
चुनाव आयोग की प्रतिक्रियाचुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इस संज्ञान में कहा कि ये पर्चियां मॉक पोल प्रायोगिक मतदान के लिए इस्तेमाल की गई थीं, इसलिए इस घटना का वास्तविक मतदान प्रक्रिया की अखंडता पर कोई असर नहीं पड़ा है।
उन्होंने समस्तीपुर के जिलाधिकारी को मौके पर जाकर जांच करने के आदेश भी दिए।कार्रवाईलापरवाही करने वाले सहायक रिटर्निंग ऑफिसर को निलंबित कर एफआईआर दर्ज की गई है। बताया गया है कि मॉक पोल के बाद पर्चियां सड़क से 100 मीटर दूर फेंक दी गईं थीं, जो प्रतिबंधित क्षेत्र में थी।
इस मामले की जांच जारी है और उम्मीदवारों को भी इस बारे में सूचित कर दिया गया है।
चुनाव आयोग ने मतदान की निष्पक्षता का आश्वासन दिया है कि यह घटना मतगणना को प्रभावित नहीं करेगी।यह मामला बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के बाद सामने आया है और राजनीतिक गलियारों में हंगामा मचा हुआ है