गोरखपुर-सोनौली मार्ग के चौड़ीकरण के तहत फोरलेन सड़क और सर्विस लेन बन चुके हैं, लेकिन ब्लॉक मुख्यालय की ओर नाले का निर्माण अभी बाकी है। नाला निर्माण के लिए वहां छह मकान टूटने की संभावना है।
इनमें से एक मकान, जो लता विश्वकर्मा का तीन मंजिला मकान है, तोड़ा जा रहा है।
पड़ोसी मकानों की सुरक्षा के मद्देनजर, कार्यदायी संस्था के अधिकारी मकान तोड़ने का काम बड़े सावधानी से कर रहे हैं।
पहले चरण में प्रभावित ग्रामीणों ने अधिकारियों के आग्रह पर अपने मकानों के ज्यादातर हिस्से स्वयं तोड़ दिए थे, और कुछ हिस्सों को तहसील स्तर के अधिकारियों की मौजूदगी में ध्वस्त किया गया था।
अब फिर से लता विश्वकर्मा, गिरधारी लाल, मेवालाल, भुआल जायसवाल, मुराली और सचिन के मकानों के कुछ हिस्से तोड़े जा सकते हैं।
प्रभावित लोगों ने ग्राम सभा से भूमि आवंटन और सरकारी आवास दिलाने की मांग की है।मकान टूटने के बाद प्रभावित परिवार बेघर हो गए हैं और दूसरे घरों में रहकर गुजारा कर रहे हैं।
कार्यदायी संस्था मकान तोड़ते समय मजदूरों को हथौड़ी और मशीनों का इस्तेमाल करके पूरी सुरक्षा के साथ काम करने के लिए कह रही है ताकि पड़ोसी मकानों को नुकसान न पहुंचे।
यह स्थिति जंगल कौड़िया में फोरलेन और नाला निर्माण कार्य के कारण बन रही है, जो क्षेत्र के विकास के लिए जरूरी है, लेकिन स्थानीय लोगों के मुकदमों और आवास संबंधी समस्याओं को लेकर चिन्ताएं भी बनी हुई हैं।इस खबर के अनुसार यह काम अभी जारी है और नाला निर्माण के अंतिम चरण में छह मकानों के टूटने की संभावना है, जिससे प्रभावित लोग चिंतित हैं और उनकी समस्या बनी हुई है।