भारत की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 28 दिसंबर 2025 को अपना 140वां स्थापना दिवस मनाया। 1885 में एलन ऑक्टेवियन ह्यूम द्वारा बॉम्बे में स्थापित कांग्रेस ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आधुनिक भारत के निर्माण तक ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। यह यात्रा संघर्ष, बलिदान और उपलब्धियों से भरी है।
स्थापना और स्वतंत्रता संग्राम: शुरुआती दौर
कांग्रेस की स्थापना ब्रिटिश शासन के खिलाफ भारतीयों की आवाज उठाने के लिए हुई। शुरुआत में मध्यम मार्ग था, लेकिन जल्द ही यह स्वराज की मांग करने लगी। दादाभाई नौरोजी, गोपाल कृष्ण गोखले और बाल गंगाधर तिलक जैसे नेताओं ने इसे मजबूत किया। महात्मा गांधी के आने से कांग्रेस जन आंदोलन बनी। असहयोग, सविनय अवज्ञा और भारत छोड़ो आंदोलन ने स्वतंत्रता की नींव रखी। कांग्रेस ने हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक सुधार पर जोर दिया।
स्वतंत्रता के बाद: राष्ट्र निर्माण
1947 में स्वतंत्रता के बाद कांग्रेस ने भारत का नेतृत्व किया। जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में संविधान निर्माण, पंचवर्षीय योजनाएं और आधुनिक भारत की नींव रखी गई। लाल बहादुर शास्त्री और इंदिरा गांधी ने चुनौतियों का सामना किया। हरित क्रांति, बैंक राष्ट्रीयकरण और 1971 युद्ध जीत कांग्रेस की उपलब्धियां हैं। राजीव गांधी ने तकनीकी क्रांति लाई।
चुनौतियां और पुनरुत्थान: आधुनिक दौर
कांग्रेस को कई चुनौतियां मिलीं – आपातकाल, भ्रष्टाचार आरोप और चुनावी हार। लेकिन सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व में पुनरुत्थान हुआ। मनरेगा, RTI और खाद्य सुरक्षा जैसे कानून कांग्रेस की देन हैं। पार्टी ने सामाजिक न्याय और सेक्युलरिज्म पर जोर दिया।
140वां स्थापना दिवस: गौरव और संकल्प
140वें दिवस पर कांग्रेस ने अपनी विरासत याद की और भविष्य संकल्प लिया।
पार्टी ने कहा कि वह जनता की आवाज बनेगी। युवा नेतृत्व और नए विचारों पर फोकस है।
कांग्रेस की विरासत: भारत का आईना
कांग्रेस ने भारत को एकजुट रखा और लोकतंत्र मजबूत किया। यह पार्टी विविधता में एकता का प्रतीक है।
गौरवशाली यात्रा जारी
कांग्रेस का 140वां स्थापना दिवस भारत की सबसे पुरानी पार्टी की गौरवशाली यात्रा याद दिलाता है।
स्वतंत्रता से विकास तक योगदान अमर है। कांग्रेस आगे बढ़े। लोकतंत्र मजबूत हो।
