उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक से मिला NMO प्रतिनिधिमंडल, डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों के मुद्दों पर हुई बड़ी चर्चा; कई मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश

गोरखपुर, 7 सितंबर। नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन (NMO) के प्रादेशिक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री बृजेश पाठक से मुलाकात की। इस दौरान प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सकों, चिकित्सा शिक्षकों, स्वास्थ्यकर्मियों और मेडिकल विद्यार्थियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश सरकार की ओर से स्वास्थ्यकर्मियों, चिकित्सकों और चिकित्सा विद्यार्थियों के हित में किए जा रहे कार्यों के लिए उपमुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान खासतौर पर इंटर्न चिकित्सकों के मानदेय में वृद्धि और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में नामांकित नहीं होने वाले रेजिडेंट चिकित्सकों के वेतन में एकरूपता लाने के प्रयासों की सराहना की गई।

आयुष्मान भारत के तहत अस्पतालों की संबद्धता का मुद्दा उठा

बैठक के दौरान आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत नए चिकित्सालयों को संबद्ध किए जाने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने अस्पतालों के पंजीकरण, प्रदूषण नियंत्रण संबंधी अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) तथा संबंधित प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और व्यावहारिक बनाने की आवश्यकता बताई।

प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि प्रक्रियाओं को सरल बनाने से न केवल अस्पतालों को सुविधा मिलेगी, बल्कि मरीजों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी

महानिदेशक की नियुक्ति में अनुभवी चिकित्सा शिक्षक को प्राथमिकता की मांग

NMO प्रतिनिधिमंडल ने चिकित्सा शिक्षा विभाग में महानिदेशक की नियुक्ति के समय वरिष्ठ एवं अनुभवी चिकित्सा शिक्षक को प्राथमिकता दिए जाने की मांग रखी। इसके साथ ही चिकित्सा शिक्षकों को प्रशिक्षण, शोध और वैज्ञानिक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सम्मेलन एवं शोध भत्ता उपलब्ध कराने का विषय भी उठाया गया।

प्रतिनिधिमंडल ने वेतन संरक्षण का लाभ प्रदान करने तथा विभिन्न सरकारी चिकित्सालयों को उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाइज कॉरपोरेशन के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही दवाओं की मात्रा बढ़ाने की मांग भी रखी।

मेडिकल कॉलेजों में छात्र सुविधाओं पर भी जोर

बैठक में मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की सुविधाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। प्रतिनिधिमंडल ने छात्रावासों की स्थिति में सुधार, उनके लिए न्यूनतम आवश्यक मानक निर्धारित करने और प्रत्येक चिकित्सा महाविद्यालय में छात्र कल्याण समिति गठित करने की मांग की।

इसके अलावा चिकित्सा शिक्षकों की पदोन्नति के लिए समयबद्ध साक्षात्कार सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

निजी चिकित्सकों और प्रांतीय चिकित्सा सेवा से जुड़े मुद्दे भी उठे

प्रतिनिधिमंडल ने निजी चिकित्सकों के साथ-साथ प्रांतीय चिकित्सा सेवा से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक, सेवा संबंधी और व्यावहारिक विषयों को भी उपमुख्यमंत्री के सामने रखा। इन मुद्दों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।

BHU में कर्णावत प्रत्यारोपण सुविधा का दायरा बढ़ाने की मांग

बैठक में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU), वाराणसी में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और सरकारी सहयोग से कर्णावत प्रत्यारोपण की सुविधा उपलब्ध कराने तथा इसके दायरे को बढ़ाने का विषय भी उठाया गया।

प्रतिनिधिमंडल की इस मांग पर उपमुख्यमंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए आवश्यक पहल का भरोसा दिलाया।

बच्चों में बढ़ते स्वलीनता विकार पर भी चर्चा

प्रतिनिधिमंडल ने बच्चों में बढ़ रहे स्वलीनता विकार (Autism Spectrum Disorder) के मामलों को देखते हुए चिकित्सा संस्थानों में इससे संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति को प्राथमिकता देने की आवश्यकता भी रेखांकित की।

NMO की ओर से कहा गया कि समय रहते विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध होने से बच्चों की पहचान, उपचार, परामर्श और पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जा सकता है

कई मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश

उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने प्रतिनिधिमंडल की ओर से प्रस्तुत सभी विषयों को गंभीरता से सुना। उन्होंने कई मुद्दों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं कुछ मामलों के त्वरित समाधान के लिए संबंधित सक्षम अधिकारियों को तत्काल आवश्यक निर्देश भी दिए।

इससे प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि चिकित्सकों, चिकित्सा शिक्षकों, स्वास्थ्यकर्मियों और मेडिकल विद्यार्थियों से जुड़े विभिन्न विषयों के समाधान की दिशा में आगे प्रभावी कार्रवाई होगी।

डॉ. अमित सिंह ने गोरक्ष प्रांत के मुद्दे प्रमुखता से उठाए

बैठक में समन्वयक की भूमिका नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन, उत्तर प्रदेश के पालक अधिकारी प्रो. विश्वम्भर सिंह ने निभाई। प्रतिनिधिमंडल में पश्चिम उत्तर प्रदेश क्षेत्र के महामंत्री डॉ. विनोद, मेरठ प्रांत के अध्यक्ष प्रो. ज्ञानेश्वर टोंक, अवध प्रांत के संगठन मंत्री डॉ. कपिल शर्मा एवं डॉ. जयराम, कानपुर प्रांत की अध्यक्षा प्रो. आरती लाल चंदानी, गोरक्ष प्रांत के महामंत्री डॉ. अमित सिंह ‘श्रीनेत’, पूर्वी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष डॉ. कमलाकर सिंह, काशी प्रांत के महामंत्री डॉ. राजेश राय एवं डॉ. अतुल सिंह मौजूद रहे।

गोरक्ष प्रांत से जुड़े चिकित्सा एवं स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण विषयों को डॉ. अमित सिंह ‘श्रीनेत’ ने गंभीरता और तथ्यपरक ढंग से उपमुख्यमंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं, चिकित्सकों तथा मेडिकल विद्यार्थियों से संबंधित आवश्यकताओं की ओर विशेष ध्यान आकर्षित किया।

गोरखपुर में NMO के राष्ट्रीय सम्मेलन का आमंत्रण

इसी मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक को गोरखपुर में आयोजित होने वाले नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल होने के लिए औपचारिक आमंत्रण भी दिया।

प्रतिनिधिमंडल की इस मुलाकात को प्रदेश में चिकित्सा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न वर्गों की समस्याओं और सुझावों को सरकार तक पहुंचाने की महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन के प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक से मुलाकात कर डॉक्टरों, चिकित्सा शिक्षकों, स्वास्थ्यकर्मियों और मेडिकल विद्यार्थियों से जुड़े कई मुद्दे उठाए। आयुष्मान भारत के तहत अस्पतालों की संबद्धता, चिकित्सा शिक्षा, छात्रावास, शोध भत्ता, दवाओं की उपलब्धता और कर्णावत प्रत्यारोपण जैसे विषयों पर चर्चा हुई।