बिहार में जल्द ही राजनीतिक बदलाव होने वाला है। उनके अनुसार, लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की सरकार बनने जा रही है, और एनडीए गठबंधन बिहार की सत्ता से बाहर होने वाला है।
राजभर ने दावा किया कि राज्य में मौजूदा सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई है, और अब माहौल पूरी तरह बदल चुका है।राजभर ने कहा कि बिहार की जनता रोजगार, शिक्षा और महंगाई से परेशान है। वहां के लोग अब नई सरकार की उम्मीद कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में विपक्ष मजबूत हो रहा है और एनडीए सरकार की जड़ें कमजोर पड़ चुकी हैं।राजनीतिक अर्थ और असरओपी राजभर का यह बयान न सिर्फ बिहार में बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है।
माना जा रहा है कि राजभर का यह वक्तव्य विपक्षी दलों की रणनीति का हिस्सा हो सकता है और बिहार में संभावित राजनीतिक फेरबदल की ओर संकेत करता है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजभर हमेशा से अपनी बेबाक और तीखी राजनीतिक टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं।
वे एनडीए सरकार का हिस्सा होने के बावजूद समय-समय पर गठबंधन की नीतियों पर असहमति भी जताते रहे हैं। उनका यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि आने वाले महीनों में बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
बिहार की वर्तमान सियासी स्थितिबिहार में इस समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी मुख्य सहयोगी है। हालांकि, पिछले कुछ महीनों से विपक्ष लगातार सरकार को घेरने में लगा है।
आरजेडी और कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि जनता के मुद्दे जैसे बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था की स्थिति ने सरकार को कमजोर कर दिया है।तेजस्वी यादव ने कई हालिया रैलियों में यह दावा किया है कि जनता अब बदलाव चाहती है। वे जनता से सीधे जुड़ने की कोशिश में हैं, और युवाओं को रोजगार, शिक्षा और विकास का भरोसा दे रहे हैं।
नतीजा और संभावनाएंओपी राजभर के बयान ने सियासी माहौल में नया जोश भर दिया है। जबकि एनडीए नेता इसे महज एक राजनीतिक बयानी हमला बता रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे बिहार में सत्ता परिवर्तन के संकेत के रूप में देख रहा है।
राजनीति के जानकार मानते हैं कि बिहार में समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और अगर विपक्ष एकजुट होता है, तो आने वाले विधानसभा चुनाव में बड़ा उलटफेर संभव है। वर्तमान माहौल में तेजस्वी यादव की लोकप्रियता लगातार बढ़ती नजर आ रही है और यही बात राजभर के बयान को और अधिक प्रासंगिक बना देती है।